बॉलीवुड की 'क्वीन' और वर्तमान में राजनीति में सक्रिय कंगना रनौत अपनी बेबाकी के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने जीवन के एक बेहद कठिन और विवादास्पद दौर को याद करते हुए साझा किया कि कैसे उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया गया था। कंगना ने खुलासा किया कि उनके एक पूर्व प्रेमी ने उन पर 'काला जादू' (Black Magic) करने का गंभीर आरोप लगाया था और उन्हें 'चुड़ैल' तक कहकर पुकारा था।
कंगना के अनुसार, यह उनके खिलाफ एक लक्षित प्रयास था ताकि समाज की नजरों में उनकी गरिमा को कम किया जा सके। उन्होंने विस्तार से बताया कि एक समय था जब उनके निजी संबंधों को लेकर मीडिया में काफी चर्चाएं थीं। उसी दौरान उनके पूर्व प्रेमी ने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया था कि कंगना अपनी सफलता के लिए तंत्र-मंत्र और काले जादू का सहारा लेती हैं। आरोपों में यहाँ तक कहा गया था कि वह कथित तौर पर खाने और पेय पदार्थों में अपना खून मिलाती थीं।
अभिनेत्री ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जब एक महिला समाज में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाती है या स्थापित मानदंडों को चुनौती देती है, तो अक्सर उसे 'पागल' या 'चुड़ैल' करार दे दिया जाता है। कंगना ने कहा, "मुझ पर आरोप लगाए गए कि मैं चुड़ैल हूं और काला जादू करती हूं। यह सब मुझे मानसिक रूप से तोड़ने और फिल्म इंडस्ट्री में मेरे बढ़ते करियर को रोकने के लिए किया गया था।"
कंगना ने यह भी रेखांकित किया कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां केवल उनके खिलाफ ही नहीं, बल्कि इतिहास में कई साहसी महिलाओं के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल की गई हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज आज भी उन महिलाओं को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाता जो अपनी शर्तों पर जीना जानती हैं। इस प्रताड़ना के बावजूद, कंगना ने हार नहीं मानी और डटकर इन विवादों का मुकाबला किया। उनके अनुसार, ये अनुभव उन्हें कमजोर बनाने के बजाय और अधिक मजबूत बनाने वाले साबित हुए।
निष्कर्ष के तौर पर, कंगना रनौत का यह बयान न केवल उनके निजी संघर्ष की कहानी कहता है, बल्कि फिल्म जगत के भीतर छिपे अंधेरे और पितृसत्तात्मक सोच को भी उजागर करता है।