भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने राज्य की राजधानी भोपाल के विकास पथ पर एक और महत्वपूर्ण पत्थर स्थापित किया है। गुरुवार को उन्होंने एक गरिमामयी समारोह के दौरान खेजड़ा बरामद मार्ग पर लगभग 3 किलोमीटर लंबी नई सड़क के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि-पूजन और शिलान्यास किया। इस विस्तृत सड़क निर्माण परियोजना की अनुमानित लागत 6 करोड़ 20 लाख रुपए आंकी गई है, जो क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में एक बड़े निवेश को दर्शाती है।
यह सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मुख्य विदिशा रोड को अयोध्या बायपास रोड से जोड़ने का एक सुगम माध्यम प्रदान करेगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने उपस्थित जनसमुदाय और विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि बुनियादी सुविधाओं का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि यह सड़क न केवल यातायात की दूरी को कम करेगी, बल्कि आने वाले समय में क्षेत्र की व्यापारिक क्षमताओं और सामाजिक एकता को भी एक नया मंच प्रदान करेगी। बेहतर बुनियादी ढांचा किसी भी शहर की आर्थिक उन्नति का आधार होता है और यह सड़क उसी दिशा में एक प्रभावी कदम है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस कार्य को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना होगा ताकि क्षेत्र के नागरिकों को इसका लाभ तुरंत मिल सके। मंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सड़क के साथ जल निकासी की उचित व्यवस्था हो ताकि सड़क लंबे समय तक सुरक्षित रहे। सड़क के निर्माण से स्थानीय रहवासियों को जर्जर रास्तों से मुक्ति मिलेगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय पार्षद शकुन लोधी, राजू लोधी, राजू राठौड़ और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं सहित स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित निवासियों ने इस परियोजना को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि और बड़ी सौगात बताया। नागरिकों ने मंत्री कृष्णा गौर का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही क्षेत्र की पुरानी मांग आज मूर्त रूप ले रही है। यह सड़क परियोजना भोपाल के उपनगरीय क्षेत्रों में यातायात को व्यवस्थित करने और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक होगी। अंत में, यह विकास कार्य मुख्यमंत्री के समृद्ध मध्य प्रदेश के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।