छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रस्तावित ‘अग्रोहा पैलेस’ का विधिवत भूमिपूजन कर इसकी आधारशिला रखी। यह परियोजना न केवल क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान बनाएगी, बल्कि समाज सेवा और सामाजिक चेतना का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी।
इस भव्य परिसर के निर्माण के माध्यम से मध्य भारत में एक नई पहचान स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि परम पूज्य महाराजा अग्रसेन जी के वंशज होना हमारे लिए गर्व की बात है, लेकिन यह हमारे ऊपर एक पुनीत उत्तरदायित्व भी डालता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेवा, त्याग और लोकमंगल की महान परंपरा को आगे बढ़ाना ही इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है।
अग्रवाल ने विश्वास जताया कि यह पैलेस समाज के सामूहिक संकल्प और सक्रिय सहभागिता का एक उत्कृष्ट प्रतीक साबित होगा। उन्होंने आगे बताया कि इस भव्य परिसर में 150 अत्याधुनिक कमरों का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटकों और आगंतुकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। इसके अलावा, परिसर में विशाल हॉल और सर्वसुविधायुक्त लॉन भी होंगे।
मंत्री के अनुसार, किसी भी भवन की सार्थकता केवल उसकी ईंट और पत्थरों में नहीं, बल्कि उसमें निहित सेवा भावना और समाज के प्रति अटूट समर्पण में छिपी होती है। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अग्र समाज का इतिहास हमेशा से सेवा और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा रहा है। हमारे पूर्वजों ने धर्मशालाएं और अन्न क्षेत्र बनाकर मानवता की सेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, उसे बरकरार रखना हमारा कर्तव्य है।
उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे इस प्रकल्प में समाज के अंतिम व्यक्ति को भी जोड़ें। साथ ही, उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा, मरीजों के उपचार और बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अग्रवाल सभा अंबिकापुर के अध्यक्ष संजय मित्तल, अजय अग्रवाल, बाबूलाल गोयल, योगेश अग्रवाल, विनोद, कृष्ण कुमार और मनोज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक विकास और पर्यटन विकास में मील का पत्थर साबित होगी।