भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और गैस चोरी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राजधानी के पास स्थित इमलिया गांव में इंडेन गैस के सिलेंडरों से गैस चोरी किए जाने की शिकायत पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला खाद्य विभाग के अधिकारी देवेंद्र भार्गव की टीम ने सूचना के आधार पर गुरुवार सुबह सैनी गैस एजेंसी के गोदाम पर अचानक दबिश दी। इस छापेमारी के दौरान टीम ने एजेंसी के बाहर खड़े सिलेंडर से भरे एक ट्रक की गहनता से जांच की। जांच दल ने ट्रक में रखे एक-एक सिलेंडर का वजन करना शुरू किया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अधिकारियों ने पाया कि करीब 40 घरेलू सिलेंडरों में निर्धारित मात्रा से 1 से 2 किलो तक गैस कम थी। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह थी कि इन सिलेंडरों पर कंपनी की सील लगी हुई थी, फिर भी गैस कम निकली। इसके अतिरिक्त, तीन सिलेंडर ऐसे भी पाए गए जिनकी सील पूरी तरह से गायब थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे वैश्विक तनाव के कारण ईंधन और गैस की किल्लत की आशंका बनी हुई है, और कुछ सप्लायर इस स्थिति का फायदा उठाकर कालाबाजारी और चोरी में लगे हैं। विभागीय जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि इंडेन गैस के 342 सिलेंडरों से भरा यह ट्रक (क्रमांक UP-78 GT-0294) बुधवार, 8 अप्रैल को इंडियन ऑयल के डिपो से निकला था। डिपो और एजेंसी के गोदाम के बीच की दूरी मात्र 20 किलोमीटर है, जिसे तय करने में ट्रक को करीब 13 घंटे का समय लगा। ड्राइवर और एजेंसी संचालक इस देरी का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ड्राइवर ने बताया कि ट्रक डिपो से निकलने के बाद टोल के पास काफी देर तक रुका रहा था। जांच का मुख्य बिंदु अब यह है कि गैस की यह चोरी डिपो के अंदर से ही कम भरकर की गई या फिर रास्ते में किसी अवैध तरीके से गैस निकाली गई। यह ट्रक ग्वालियर स्थित श्री बालाजी ट्रांसपोर्टर का है, जिसे इंडियन ऑयल से सप्लाई का ठेका मिला हुआ है। खाद्य विभाग ने ट्रांसपोर्टर को तत्काल तलब किया है और स्पष्ट किया है कि पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं के साथ ऐसी धोखाधड़ी न हो। शासन और प्रशासन की इस कार्रवाई से गैस माफियाओं में हड़कंप मच गया है, लेकिन उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेते समय वजन की जांच करने के लिए जागरूक रहने की सख्त जरूरत है।