Chinese Nostradamus | दुनियाभर में नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों को लेकर हमेशा उत्सुकता बनी रहती है। उनके द्वारा सदियों पहले की गई कई भविष्यवाणियां आज के दौर में सच साबित हुई हैं। इसी कड़ी में अब चीन के एक प्रोफेसर जियांग ज्यूकिन की चर्चा जोरों पर है, जिन्हें 'चीन का नास्त्रेदमस' कहा जा रहा है। जियांग ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और युद्धों को लेकर कई ऐसी भविष्यवाणियां की हैं, जो आश्चर्यजनक रूप से सटीक बैठी हैं। जियांग ज्यूकिन, जो 'प्रिडिक्टिव हिस्ट्री' नामक एक लोकप्रिय यूट्यूब चैनल चलाते हैं, ने हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को लेकर एक खतरनाक चेतावनी जारी की है। जियांग ने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध की स्थिति में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को कड़ी चेतावनी और धमकियां देंगे, लेकिन अंततः वे अपने कदमों को पीछे खींच लेंगे। उनकी यह बात सच साबित हुई जब ट्रंप ने ईरान की सभ्यता को खत्म करने तक की धमकी दी थी, लेकिन डेडलाइन खत्म होने से ठीक पहले उन्होंने युद्धविराम और शांति की दिशा में कदम बढ़ा दिए। अब चीनी नास्त्रेदमस जियांग ने अपनी नई भविष्यवाणी में कहा है कि अमेरिका ईरान में अपनी जमीनी सेना (Ground Troops) भेजने के लिए मजबूर होगा। उनके अनुसार, केवल हवाई हमलों के जरिए अमेरिका इस युद्ध में निर्णायक जीत हासिल नहीं कर पाएगा। जियांग का मानना है कि जमीनी सेना के प्रवेश के बाद यह संघर्ष और अधिक भीषण और विनाशकारी रूप ले लेगा। उन्होंने ईरान की रणनीति की भी सराहना की है और कहा है कि ईरान अपनी सीमित सैन्य शक्ति के बावजूद बहुत ही सावधानी और कूटनीति के साथ इस संकट का सामना कर रहा है। प्रोफेसर जियांग ने युद्ध के भविष्य को लेकर एक गहरा विश्लेषण प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि इस आधुनिक युद्ध में केवल हथियारों की ताकत और विशाल सेना ही जीत सुनिश्चित नहीं करती। बल्कि जीत उस पक्ष की होगी जिसके पास सबसे अधिक विकल्प और लचीली रणनीति होगी। जो देश बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को तेजी से ढाल पाएगा, वही युद्ध में अपना दबदबा कायम रखेगा। दिलचस्प बात यह है कि जियांग ने दो साल पहले ही ट्रंप की चुनावी जीत और उनकी वापसी की भविष्यवाणी कर दी थी। उन्होंने तीन मुख्य भविष्यवाणियां की थीं: पहली, ट्रंप की सत्ता में वापसी; दूसरी, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति; और तीसरी, इस युद्ध में अमेरिका की संभावित हार। उनकी पहली दो भविष्यवाणियां सच हो चुकी हैं, और अब पूरी दुनिया की नजरें उनकी तीसरी और सबसे बड़ी भविष्यवाणी पर टिकी हैं। वर्तमान में भले ही युद्धविराम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन ईरान का अडिग रुख और अमेरिका की बदलती नीतियां जियांग की भविष्यवाणियों को बल दे रही हैं। निष्कर्ष के तौर पर, जियांग ज्यूकिन की ये भविष्यवाणियां वैश्विक राजनीति में एक नया विमर्श पैदा कर रही हैं।