ईरान | तेहरान से प्राप्त नवीनतम जानकारी के अनुसार, ईरान सरकार दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्गों में से एक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर अपनी स्थानीय मुद्रा 'रियाल' में ट्रांजिट शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।
यह कदम ईरान द्वारा अपनी मुद्रा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने और वैश्विक व्यापार में डॉलर के प्रभुत्व को कम करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य एक रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान की इस योजना के तहत, इस मार्ग का उपयोग करने वाले विदेशी जहाजों को अब पारगमन शुल्क के रूप में रियाल का भुगतान करना पड़ सकता है।
यह प्रस्ताव केवल एक आर्थिक बदलाव नहीं है, बल्कि इसे एक व्यापक 'हॉर्मुज सुरक्षा ढांचे' के साथ जोड़ा गया है। सूत्रों के अनुसार, तेहरान इस पहल को सफल बनाने के लिए ओमान के साथ एक संभावित समझौते पर भी चर्चा कर रहा है। ओमान और ईरान दोनों ही इस जलडमरूमध्य की सीमा साझा करते हैं, इसलिए किसी भी नए सुरक्षा या टोल ढांचे के लिए आपसी सहयोग अनिवार्य है।
इस कदम का उद्देश्य न केवल राजस्व में वृद्धि करना है, बल्कि इस महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र पर ईरान के संप्रभु नियंत्रण को और अधिक पुख्ता करना भी है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को अपनी भुगतान प्रणालियों में बड़े बदलाव करने होंगे, जिससे वैश्विक लॉजिस्टिक्स और तेल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों के बीच उसकी अर्थव्यवस्था को सहारा देने का एक प्रयास हो सकता है। फिलहाल, इस प्रस्ताव के तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है, ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के दायरे में लागू किया जा सके। निष्कर्षतः, ईरान का यह निर्णय भविष्य में समुद्री व्यापार की सुरक्षा और आर्थिक समीकरणों को एक नई दिशा दे सकता है।